Nirbhay Jeevan ???? Fundamentals Explained

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डरावना सपना देखना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार हो, दिनभर काम करने की क्षमता कम करे, दिमाग में उसकी यादें बनी रहें या व्यक्ति सोने से ही डरने लगे, तब इसे नाइटमेयर डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे लोगों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी और बुरे सपनों का लगातार डर देखने को मिलता है. बच्चों में यह समस्या होने पर माता-पिता की नींद भी प्रभावित होती है.

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रात में बार-बार बुरे सपने क्यों आते हैं? जानें कारण और समाधान

कभी कभार सपने आना सामान्य है, पर यदि रोजाना आपको बुरे सपने आते हैं तो इसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। चित्र : अडॉबीस्टॉक

पूरी रात सपने क्यों आते हैं और कब आते हैं?

कई बार मन थका हुआ होता है और शरीर भी कमजोर है तब बुरे सपने आते हैं. 

ऐसे सपनों से अक्सर नींद टूट जाती है, मन बेचैन हो जाता है और थकावट बनी रहती है। इसलिए मानसिक शांति बहुत जरूरी है।

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रात को सोने नहीं देते बुरे सपने तो अपनाएं ये घरेलू उपाय, जानें डरावने सपनों का सेहत पर पड़ता है क्या असर

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थेरेपी या काउंसलिंग से मदद मिल सकती है।

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